वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (जीएसटी) बिल जो काफी मुश्किलों में फसा है उसके बारे में कहा है कि "उन्हें बिल के अप्रैल, 2017 तक लागू हो जाने की उम्मीद है|" वित्तमंत्री बुधवार को काफी व्यस्त रहने वाले है| जीएसटी को लेकर अरुण जेटली ने सुबह 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की, इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शीर्ष नेताओं से भी दोनों ने भेंट की, जिसमें वे गुजरात के नए मुख्यमंत्री के बारे में फैसला ले सके|
अरुण जेटली फिर संसद में होंगे और राज्यसभा में दोपहर 2 बजे उच्च सदन में जीएसटी को लेकर ऐतिहासिक बहस शुरू होगी| अब तक के सबसे बड़े टैक्स सुधार पर पहले बहस पूरी हो जाने के बाद वोटिंग भी करवाई जाएगी, इस वजह से संविधान संशोधन संभव है ताकि जीएसटी पुरे देश भर में लागू किया जा सके|
जीएसटी पर सहमति हासिल करने के लिए अरुण जेटली ने कांग्रेस समेत विभिन्न राजनैतिक दलों के साथ बातचीत की, समझौते भी किये, दरअसल कांग्रेस सदन में अपनी बड़ी संख्या का लाभ उठाकर इस बिल को रोकती रही है| सरकार ने इस बिल को पास करवाने के लिए कांग्रेस की कई मांगें मान ली हैं|
सांसद में आज कई घंटे की बहस के बाद इन बदलावों पर वोट करेंगे| दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने सांसदों को आज संसद में हाज़िर रहने के लिए कहा है| इस 122वें संविधान संशोधन बिल को सोमवार को ही बदलावों की मंज़ूरी दे दी गयी थी| वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को बीजेपी के सांसदों को जीएसटी और उसमें किए जा रहे बदलावों के बारे में बताया और उसके पीछे के कारण भी बताए|