बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती, बहुचर्चित उना कांड के बाद दलितों के बीच हृदय में अपनी अच्छी छवि बनाने और उनके हृदय अपना स्थान बनाने के लिए चार अगस्त को उना दलित उत्पीड़न कांड के पीड़ित युवकों व उनके परिवार वालों से मुलाकात करने अहमदाबाद जा रही हैं| मायावती का कहना है कि वे काफी पहले से ही चाहती थी गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के उना जाकर दलितों के पीड़ित परिवार वालों से मिलकर उनसे सहानुभूति प्रकट करना|

लेकिन बीजेपी के कई प्रकार के षड्यंत्र उन्हें दलितों से मिलने और सहानभूति प्रकट करने से रोक रहे थे| माया ने जारी बयान में कहा कि "बीएसपी ने इस मामले को संसद के बाहर व संसद में राज्यसभा में काफी मजबूती से उठाया और इस कारण बीजेपी ने जानबूझ कर एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उत्तर प्रदेश में अपने एक वरिष्ठ नेता से मेरे खिलाफ अभद्र व अपशब्द कहलवा कर, पार्टी को उलझाने का प्रयास किया, ताकि उना कांड से लोगों का ध्यान हटाया जा सके|

" इसी वजह से उन्हें उना दौरा स्थगित करना पड़ा था| मायावती का बयान है कि गांव के लोगों ने और पीड़ित परिवार ने उनकी पार्टी पर भरोसा जताया है| पीड़ितों का कहना है कि "बसपा मुखिया मायावती संसद में व्यस्त हैं| इसलिए उन्हें उना आने की जरूरत नहीं है|" माया ने कहा, "हम अहमदाबाद जाकर स्वयं ही उनसे मिलेंगे और उनका धन्यवाद करेंगे|

इसी कारण गुरुवार को अहमदाबाद के दौरे पर मैं उना कांड के पीड़ितों के साथ-साथ पीड़ित परिवार वालों से भी अहमदाबाद में ही मिलूंगी|" अब यह देखना है की बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती इन दलितो के बीच कितनी लोकप्रियता बटोरती हैं|