नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के फैसले अब नौ भाषाओं में पढ़े जा सकेंगे। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले हिंदी, असमिया, बंगाली, कन्नड़, मराठी, उड़िया, तमिल, तेलुगु और उर्दू में वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। इनके अनुवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हो रहा है।
न्यायालय के फैसलों को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के केंद्र के कदम की तमिलनाडु ने की प्रशंसा
उच्चतम न्यायालय के निर्णयों को तमिल सहित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के केंद्र सरकार के फैसले की तमिलनाडु सरकार ने सराहना करते हुये इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद से कहा कि यह पहल लोगों के उच्चतम न्यायालय के निर्णयों की बेहतर समझ विकसित करेगी।
उन्होंने 18 जुलाई को लिखे अपने पत्र में यह बात कही। यह पत्र शुक्रवार को जारी किया गया। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तमिलनाडु के लोगों की तरफ से इस लीक तोड़ने वाली पहल के लिए केंद्र को धन्यवाद देना चाहते हैं।
उन्होंने प्रसाद से यह भी अनुरोध किया कि मद्रास उच्च न्यायालय के निर्णयों को भी तमिल भाषा में उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।
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