उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर समीक्षा की। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के लिए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को बोला है कि यूपी में प्रवेश करते ही कामगारों व श्रमिकों को सबसे पहले पेयजल और भोजन दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके जिले में कोई भी व्यक्ति पैदल और बाइक से यात्रा न करें।
योगी ने श्रमिकों को बसों के जरिए घर पहुंचाए जाने और ट्रक से सवारी ढोने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके साथ हीं उन्होंने प्रवासी कामगारों के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही सभी प्रवासी, कमजोर वर्ग के लोगों को रहने, खाने, चिकित्सा के अलावा राशन किट और भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध करा रही है और जो जहां है वहां से उनके घर तक पहुंचाने की निशुल्क व्यवस्था कर रही है। इसके लिए 10000 बसें लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बार-बार अपील कर रहे हैं कि जो जहां हैं वहीं रहे और पैदल ना चलें। सभी को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। यूपी में बड़े पैमाने पर रोजगार की व्यवस्था भी शुरू हो गई है।
मनरेगा के तहत करीब 25 लाख लोगों को रोज काम मिल रहा है, बंद पड़े औधोगिक संस्थानों को खुलवा कर काम दिलाया जा रहा है। वहीं चीनी मिलों, कोल्ड स्टोरेज व ईंट भट्ठों को लॉकडाउन अवधि में भी बंद नहीं होने दिया गया था।
अब तक यूपी में 1 हफ्ते में 350 ट्रेन आई हैं। देश में कुल ट्रेनों में से 60 फ़ीसदी ट्रेन यूपी में आईं जिससे उसमें 430000 लोग आए। इसके अलावा 10000 बसे लगी हैं जो लोगों को गंतव्य तक निशुल्क पहुंचा रही हैं। 70 ट्रेनें आज फिर आएंगी। पिछले एक हफ्ते में कुल 6:50 लाख लोग आए।
इसके अलावा 1 मार्च से 30 अप्रैल के बीच छह लाख से ज्यादा कामगार श्रमिक आए उत्तर प्रदेश में इस दौरान ना तो खाद्यान्न की समस्या रहे ना भोजन की। सभी को 1000 भरण-पोषण भत्ता भी दिया जा रहा। 12.50 लाख लोगों की क्वरंटाइन सेंटर में व्यवस्था है। 12 से 13 लाख फूड पैकेट रोज बांटे जा रहे है।
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