
पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर ने कुछ दिनों पहले एक बयान दिया था, जिसमें उसने कश्मीर को इस्लामाबाद के 'गले की नस' बताया था। अब पहलगाम हमले के बाद लगातार ये सवाल उठ रहा है कि असीम मुनीर ने आतंकियों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने का काम किया था।
पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर ने कुछ दिनों पहले एक बयान दिया था, जिसमें उसने कश्मीर को इस्लामाबाद के 'गले की नस' बताया था। अब पहलगाम हमले के बाद लगातार ये सवाल उठ रहा है कि असीम मुनीर ने आतंकियों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने का काम किया था।
पाक आर्मी चीफ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में विदेश में रह रहे पाकिस्तानियों के साथ एक बैठक में भारत और हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलने वाला बयान दिया था। मुनीर ने जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान के दावे को दोहराया था और टू-नेशन थ्योरी का बचाव किया था, जिसके कारण 1947 में भारत का बंटवारा हुआ था और पाकिस्तान बना था।
'कश्मीर हमारी गले की नस'
बैठक को संबोधित करते हुए असीम मुनीर ने वहां मौजूद भीड़ से कहा था, "हमारा रुख एकदम साफ है, यह हमारी गर्दन की नस थी और यह हमारी गर्दन की नस रहेगी। हम इसे नहीं भूलेंगे और हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके संघर्ष में नहीं छोड़ेंगे।"
मुनीर ने कहा, "हिन्दुओं और मुसलमानों के बीत बहुत अंतर है और पाकिस्तान के मुसलमान हर तरह से हिन्दुओं से अलग हैं। हमारे विचार और हमारी महत्वकांक्षाएं अलग-अलग हैं। यहीं से टू-नेशन थ्योरी की बुनियाद रखी गई और हम एक नहीं दो राष्ट्र हैं।"
मुनीर के बयान पर भारत का जवाब
भारत ने मुनीर के इस बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के साथ एकमात्र संबंध उस देश की ओर से अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों को खाली करना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, "कोई विदेश चीज कैसे हमारे गले में अटक सकती है? यह भारत का एक केंद्र शासिद प्रदेश है।"
उन्होंने कहा, "मुनीर का बयान पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति की भयावह स्थिति से ध्यान हटाने की एक कोशिश थी। पाकिस्तान में यह भावना बढ़ रही है कि सेना और सत्ताधारी शक्तियों ने लोगों को निराश किया है।"
हमले का पाकिस्तानी कनेक्शन
बता दें, पहलगाम हमले में दो पाकिस्तानी आतंकिों समेत चाक टेररिस्ट के शामिल होने की बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों ने तीन आतंकियों के स्केच भी जारी किए हैं और सर्च ऑपरेशन चलाकर उनकी तलाश की जा रही है।
हमला करने वाले दो आतंकी पश्तो भाषा में बात कर रहे थे, जिससे साफ होता है कि वो पाकिस्तानी नागरिक हैं। दो स्थानीय आतंकियों की भी पहचान हुई है, इनके नाम आदिल अहमद और आशिफ शेख बताए गए हैं।