प्रियदर्शन ने हेरा फेरी 3 से आधिकारिक तौर पर अलग होने की पुष्टि की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि यह फ़िल्म 'कभी नहीं बनेगी'। प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला की लंबी कानूनी अड़चनें, कास्ट की कथित शर्तें और दो दशक की देरी ने इस आइकॉनिक फ्रेंचाइज़ी को लगभग असंभव बना दिया है।

छह सवाल: कौन, क्या, कब, कहाँ, क्यों, कैसे

  • कौन: डायरेक्टर प्रियदर्शन ने हेरा फेरी 3 से बतौर निर्देशक अपना नाम वापस लिया; प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला और स्टार्स अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, पारेश रावल इस फ्रेंचाइज़ी से जुड़े हैं।
  • क्या: प्रियदर्शन ने सार्वजनिक रूप से कहा कि 'हेरा फेरी 3 कभी नहीं बनेगी' और फ्रेंचाइज़ी से अपने बाहर होने की पुष्टि की।
  • कब: 2025 में, फ्रेंचाइज़ी की दूसरी फ़िल्म 'फिर हेरा फेरी' (2006) के लगभग दो दशक बाद।
  • कहाँ: बॉलीवुड / भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री।
  • क्यों: फिरोज नाडियाडवाला की लंबी कानूनी और आर्थिक समस्याएँ, प्रोजेक्ट में बार-बार की देरी, और कथित क्रिएटिव मतभेद — द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार।
  • कैसे: प्रियदर्शन ने मीडिया इंटरव्यू में खुलकर बताया कि प्रोजेक्ट की अनिश्चितताओं और प्रोड्यूसर की मुश्किलों के चलते उन्होंने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।

बीस साल। दो दशक में एक ट्रिलॉजी का तीसरा हिस्सा नहीं बन सका — और अब शायद कभी नहीं बनेगा। जब प्रियदर्शन खुद कहें कि 'हेरा फेरी 3 विल नेवर हैपन', तो समझ लीजिए कि बाबूराव का वह गैराज, राजू-श्याम की वह जुगाड़ वाली केमिस्ट्री, और वह किराये का 25 नंबर बंगला — सब अब सिर्फ़ नॉस्टैल्जिया की चीज़ रह गए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक प्रियदर्शन ने इस फ्रेंचाइज़ी से पूरी तरह अलग होने की बात कही है, और उनकी आवाज़ में झुंझलाहट कम, थकान ज़्यादा है।

लेकिन सवाल सिर्फ़ यह नहीं है कि प्रियदर्शन क्यों गए। असली सवाल यह है कि वह इतने साल रुके क्यों रहे — और उस रुकने में कौन-कौन सी ताक़तें एक-दूसरे से टकराती रहीं।

फिरोज नाडियाडवाला: वह प्रोड्यूसर जिसके हाथ बंधे रहे

हेरा फेरी फ्रेंचाइज़ी के राइट्स फिरोज नाडियाडवाला के पास हैं — यही इस कहानी की त्रासदी भी है और विडंबना भी। पिछले कई सालों से नाडियाडवाला कानूनी मामलों में उलझे रहे हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ कथित ड्रग्स से संबंधित एक केस दर्ज हुआ था — यह मामला रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी भी न्यायालय में विचाराधीन बताया जाता है, और किसी अंतिम फ़ैसले की पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इन कानूनी विवादों ने कथित तौर पर उनकी प्रोडक्शन क्षमता पर गहरा असर डाला। जब प्रोड्यूसर ही कोर्ट-कचहरी में फँसा हो, तो एक बड़े बजट की मल्टीस्टारर को ग्रीनलाइट कौन देगा?

ट्रेड हलकों में चर्चा है कि नाडियाडवाला को फ़ाइनेंसिंग जुटाने में भी कथित तौर पर भारी दिक्कत रही। एक बड़े बजट की कॉमेडी के लिए जो कॉरपोरेट बैकिंग चाहिए, वह तब तक नहीं मिलती जब तक प्रोड्यूसर की अपनी लीगल स्टैंडिंग क्लीन न हो।

पारदर्शिता नोट: इंडिया हेराल्ड ने इस रिपोर्ट के सिलसिले में फिरोज नाडियाडवाला के प्रतिनिधियों से प्रतिक्रिया माँगी, लेकिन प्रकाशन तक कोई जवाब नहीं मिला। उनका पक्ष मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।

अक्षय कुमार फ़ैक्टर: कथित शर्तें जो बदलती गईं

ट्रेड पोर्टल्स और इंडस्ट्री सूत्रों के हवाले से ऐसी अटकलें सामने आई हैं कि अक्षय कुमार ने कथित रूप से कुछ शर्तें रखी थीं — जिनमें स्क्रिप्ट अप्रूवल, शेड्यूल कंट्रोल, और एक बड़ी फ़ीस शामिल बताई जाती हैं। हालाँकि, अक्षय कुमार या उनकी टीम की ओर से इन शर्तों की न तो पुष्टि हुई है और न ही खंडन। 2000 के अक्षय और 2025 के अक्षय में फ़र्क़ है — तब वो राइज़िंग स्टार थे, आज वो एक ऐसे सुपरस्टार हैं जिनकी हालिया फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर मिली-जुली रहीं और जिन्हें एक गारंटीड हिट की सख़्त ज़रूरत है। लेकिन विडंबना देखिए — जिस फ्रेंचाइज़ी से वह हिट चाहते थे, उसी को उनकी कथित शर्तों ने और महँगा और जटिल बना दिया होगा।

सूत्रों के हवाले से ट्रेड पोर्टल्स पर यह भी आया कि पारेश रावल की फ़ीस और डेट्स का मसला भी कई बार आड़े आया। रावल ने एक दौर में खुद इस प्रोजेक्ट से दूरी की बात कही थी, हालाँकि बाद में वापसी के संकेत भी दिए। यह आना-जाना ही इस फ्रेंचाइज़ी की असली बीमारी बन गई — कोई पक्का कमिट नहीं, सबका एक पैर बाहर।

(अक्षय कुमार और पारेश रावल के प्रतिनिधियों से भी प्रतिक्रिया माँगी गई है, प्रकाशन तक कोई जवाब नहीं मिला।)

इनसाइड टॉक: क्रिएटिव विज़न पर कथित मतभेद

इंडस्ट्री की गलियारों में जो बात सबसे ज़्यादा घूमती है, वह यह है कि प्रियदर्शन और नाडियाडवाला के बीच क्रिएटिव विज़न पर गहरा मतभेद रहा होगा। प्रियदर्शन ओरिजिनल 'हेरा फेरी' की रूह को बचाना चाहते थे — वह सिचुएशनल कॉमेडी, वह किरदारों की ऑर्गेनिक केमिस्ट्री, वह मिडिल-क्लास बेचारगी का हास्य। लेकिन इंडस्ट्री में अटकलें ज़ोरों पर हैं कि प्रोड्यूसर साइड से कथित दबाव था कि फ़िल्म को 'फिर हेरा फेरी' (2006, निर्देशक नीरज वोरा) वाले ज़्यादा ग्लैमरस, ओवर-द-टॉप स्लैपस्टिक मोड में ले जाया जाए — जहाँ स्केल बड़ा हो, सेट पीसेज़ हों, और कॉमेडी कम, शोशेबाज़ी ज़्यादा।

फ़ैन्स मानते हैं कि 'फिर हेरा फेरी' ने फ्रेंचाइज़ी का DNA ही बदल दिया था — और अगर तीसरा हिस्सा उसी राह पर चलता, तो प्रियदर्शन का उसमें होने का मतलब ही क्या था?

(यह खंड इंडस्ट्री चर्चा और अपुष्ट अटकलों पर आधारित है — किसी भी पक्ष ने इन बातों की पुष्टि नहीं की है।)

20 साल की देरी: टाइमलाइन ही कहानी है

2000 में 'हेरा फेरी' आई और इंस्टैंट क्लासिक बन गई। 2006 में 'फिर हेरा फेरी' आई — प्रियदर्शन के बिना, नीरज वोरा के निर्देशन में — और कमाई के बावजूद क्रिटिक्स ने उसे ओरिजिनल से कमतर माना। उसके बाद से हर दो-तीन साल में 'हेरा फेरी 3 जल्द आ रही है' की खबर आती रही — और हर बार कोई न कोई अड़चन आ गई। कभी डायरेक्टर बदले, कभी कास्ट बदली, कभी स्क्रिप्ट रिजेक्ट हुई, कभी प्रोड्यूसर की मुश्किलें बढ़ीं।

यह देरी सिर्फ़ एक फ़िल्म की देरी नहीं है — यह बॉलीवुड की उस बीमारी का लक्षण है जहाँ फ्रेंचाइज़ी IP (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) किसी एक प्रोड्यूसर के पास लॉक होती है और अगर वह प्रोड्यूसर डिलीवर नहीं कर पा रहा, तो कोई और उस IP को छू भी नहीं सकता। हॉलीवुड में स्टूडियो सिस्टम इसे हैंडल कर लेता है — बॉलीवुड में यह पर्सनल फ़ीफ़डम है।

बड़ा सवाल: बॉलीवुड कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी का भविष्य

इंडिया हेराल्ड का मानना है कि हेरा फेरी 3 का ठप होना सिर्फ़ एक फ़िल्म की कहानी नहीं है — यह बॉलीवुड के फ्रेंचाइज़ी मॉडल की असफलता की सबसे बड़ी केस स्टडी है। 'गोलमाल', 'धमाल', 'हाउसफुल' जैसी सीरीज़ चलीं क्योंकि रोहित शेट्टी और साजिद नाडियाडवाला जैसे प्रोड्यूसर-डायरेक्टर ने सिस्टम को कंट्रोल किया। लेकिन जहाँ प्रोड्यूसर-डायरेक्टर-स्टार का ट्रायएंगल टूटा, वहाँ फ्रेंचाइज़ी ज़मीन पर आ गई।

आने वाले दिनों में देखने वाली बात यह होगी कि क्या फिरोज नाडियाडवाला हेरा फेरी के राइट्स किसी बड़े स्टूडियो या कॉरपोरेट हाउस को बेचने पर विचार करते हैं। अगर ऐसा होता है, तो शायद किसी नए डायरेक्टर के साथ, नई कास्टिंग रणनीति के साथ यह प्रोजेक्ट ज़िंदा हो सकता है। लेकिन अगर राइट्स नाडियाडवाला के पास लॉक रहे और उनकी कानूनी उलझनें जारी रहीं — तो बाबूराव का गैराज सच में हमेशा के लिए बंद है।

और सबसे बड़ा सवाल जो कोई नहीं पूछ रहा: क्या 2025-26 के दर्शक को अब भी वह 2000 वाली 'हेरा फेरी' चाहिए? नॉस्टैल्जिया ट्विटर पर ट्रेंड करता है, लेकिन क्या वह असल में थिएटर टिकट ख़रीदने वाला ऑडियंस बन पाता? OTT के दौर में, जहाँ 'पंचायत' और 'कोटा फ़ैक्ट्री' जैसे शो ने सिचुएशनल कॉमेडी का नया बेंचमार्क बना दिया है, क्या एक 25 साल पुरानी रेसिपी काम करती — भले प्रियदर्शन बनाते?

शायद प्रियदर्शन ने सबसे समझदारी का काम किया — एक ऐसे प्रोजेक्ट से दूर हटे जो उनकी विरासत को नुकसान पहुँचा सकता था। ओरिजिनल 'हेरा फेरी' आज भी मीम कल्चर में ज़िंदा है, बाबूराव के डायलॉग आज भी सोशल मीडिया की करेंसी हैं। शायद कुछ कहानियाँ वहीं ख़त्म होनी चाहिए जहाँ वो परफ़ेक्ट हैं — और तीसरा चैप्टर कभी-कभी वह चैप्टर होता है जो लिखा ही न जाए।

अब बताइए — क्या आप सच में चाहते थे कि बाबूराव 2026 में लौटे, या असल में आप बस उस 2000 वाली शाम को लौटना चाहते हैं?

आँकड़ों में

  • ओरिजिनल 'हेरा फेरी' (2000) और 'फिर हेरा फेरी' (2006) के बीच 6 साल का गैप था — तीसरे पार्ट के लिए अब लगभग 20 साल हो चुके हैं बिना किसी प्रोडक्शन शुरू हुए।
  • ट्रेड अनुमानों के अनुसार हेरा फेरी 3 का अपेक्षित बजट अनुमानित रूप से ₹100 करोड़ से ऊपर आँका जा रहा था — हालाँकि यह आँकड़ा अपुष्ट है और किसी आधिकारिक स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
  • ओरिजिनल 'हेरा फेरी' 2000 में ₹25 करोड़ से ऊपर कमाकर उस समय की सबसे सफल कॉमेडी फ़िल्मों में शुमार हुई थी।

मुख्य बातें

  • प्रियदर्शन ने 'हेरा फेरी 3' से आधिकारिक तौर पर अलग होने की पुष्टि की — कहा 'यह फ़िल्म कभी नहीं बनेगी' (द इंडियन एक्सप्रेस)।
  • प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला की कानूनी समस्याएँ — जिनमें मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी पत्नी से जुड़ा एक कथित ड्रग्स केस भी शामिल है — प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी बाधा रही हैं।
  • अक्षय कुमार की कथित शर्तों (स्क्रिप्ट अप्रूवल, फ़ीस) और पारेश रावल की डेट्स ने प्रोजेक्ट को और जटिल बनाया — दोनों पक्षों से कोई पुष्टि नहीं।
  • प्रियदर्शन और प्रोड्यूसर पक्ष के बीच क्रिएटिव विज़न पर गहरे मतभेद की अपुष्ट चर्चा इंडस्ट्री में ज़ोरों पर है।
  • यह केस बॉलीवुड में फ्रेंचाइज़ी IP के एक प्रोड्यूसर के पास लॉक होने की संरचनात्मक समस्या को उजागर करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रियदर्शन ने हेरा फेरी 3 क्यों छोड़ दी?

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार प्रियदर्शन ने प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला की कानूनी-आर्थिक समस्याओं, प्रोजेक्ट में लगातार देरी और कथित क्रिएटिव मतभेदों के कारण फ्रेंचाइज़ी से अलग होने का फ़ैसला किया।

क्या हेरा फेरी 3 अब भी बन रही है?

प्रियदर्शन ने खुद कहा है कि 'हेरा फेरी 3 कभी नहीं बनेगी'। फ़िलहाल प्रोड्यूसर की कानूनी मुश्किलें जारी हैं और कोई नया डायरेक्टर या कंक्रीट प्लान सामने नहीं आया है।

हेरा फेरी 3 कैंसल क्यों हुई?

मुख्य वजहें हैं — प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला की लंबी कानूनी उलझनें, कथित फ़ाइनेंसिंग की कमी, स्टार कास्ट की कथित बदलती शर्तें और डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के बीच क्रिएटिव विज़न पर अपुष्ट मतभेद।

क्या पारेश रावल ने हेरा फेरी 3 छोड़ दी?

पारेश रावल ने एक दौर में प्रोजेक्ट से दूरी की बात कही थी, हालाँकि बाद में वापसी के संकेत भी दिए। लेकिन अब जब प्रियदर्शन ही बाहर हो गए हैं तो प्रोजेक्ट की स्थिति पूरी तरह अनिश्चित है।

हेरा फेरी 3 का डायरेक्टर कौन होगा?

फ़िलहाल कोई नया डायरेक्टर अनाउंस नहीं हुआ है। प्रियदर्शन के बाहर होने के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि प्रोजेक्ट किसी और निर्देशक के साथ आगे बढ़ेगा या नहीं।

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