यूपी की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में सोमवार को फिर से तनातनी देखने को मिली| असल में, इसने नौ विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का एलान किया जिनमें हत्या के दोषी नेता अमर मणि त्रिपाठी के बेटे भी मौजूद हैं| इस गतिविधि से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खशु नजर नहीं आए क्योंकि उन्होंने कहा कि वह इससे अवेयर नहीं हैं| यादव ने कुछ ही दिनों पहले अपने चाचा शिवपाल यादव से शक्ति संघर्ष के दौरान अगले साल के चुनाव में उम्मीदवारों के चुनाव में अपनी बात माने जाने का अनुरोध किया था|