दिल्ली में 125 वोटर ऐसे हैं, जिनकी उम्र 100 साल से ऊपर है। यूं तो इस बार 80 साल से ऊपर के वोटर और दिव्यांगों को बूथ तक नहीं पहुंच पाने की स्थिति में पोस्टल बैलेट पेपर से वोट करने की सुविधा दी जा रही है। राजधानी में ऐसे 2.04 लाख वोटर्स है, जिनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है। दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए 8 फरवरी को वोटिंग होगी और 11 फरवरी को नतीजे आएंगे।
पहले सूची के हिसाब से 743 की उम्र 100 साल से ऊपर थी, लेकिन वैरिफिकेशन किए जाने पर यह सामने आया है कि 125 वोटर्स इस समय 100 साल से ऊपर के हैं। भास्कर से मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने कहा है कि जो बूथ तक आएंगे, उन्हें वाहन की सुविधा ही नहीं देंगे, बल्कि गुलदस्ता देकर सम्मान के साथ वोट कराएंंगे। ये एक ब्रांड एम्बेस्डर की तरह ट्रीट किए जाएंगे।
हर विस में एक पिंक पोलिंग स्टेशन और हर जिला में एक दिव्यांग बूथ
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 70 विधानसभा में एक-एक पोलिंग लोकेशन ऐसा होगा, जिसका संचालन पूरी तरह से महिलाएं करेंगी। हर स्तर की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में होगी, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक होगा। इसी तरह सभी 11 जिला में एक-एक पोलिंग स्टेशन दिव्यांग संचालित करेंगे। यहां का स्टाफ दिव्यांग होगा। हालांकि, हर बूथ पर दिव्यांगों के लिए आसानी से आवागमन की व्यवस्था के लिए व्हील चेयर और रैंप की व्यवस्था रहेगी।
21 जनवरी के बाद सूची में कोई नाम नहीं जुड़ेगा
11 जनवरी तक जितने आवेदन आए थे, उनका नाम सूची में शामिल करने के लिए अंतिम चरण में चल रहा है। ये सभी नाम सूची में 21 जनवरी तक शामिल कर लिए जाएंगे। 21 के बाद नाम सूची में नहीं जुड़ेगा, जितने नाम सूची में होंगे, वही फाइनल विधानसभा 2020 में वोट करेंगे।
पोस्टल बैलेट वोटिंग की पत्रकारों को भी सुविधा
चुनाव आयोग इस बार पोस्टल बैलेट से वोटिंग की सुविधा चुनाव की कवरेज करने वाले पत्रकारों को भी देगा। दिव्यांग व 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग के लिए ये सुविधा पहले ही घोषित की गई है। सुविधा जिसके लिए 14-19 जनवरी के बीच आवेदन फार्म 12-डी भरना होगा।
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