अंबाती रायडू ने खुलकर कहा है कि विराट कोहली की ODI टीम में वापसी होने पर ईशान किशन नंबर 4 के सबसे मज़बूत दावेदार हैं। यह बयान ईशान के BCCI से विवाद और श्रेयस अय्यर की फ़ॉर्म के बीच सेलेक्शन पॉलिटिक्स को नए सिरे से भड़का रहा है।

छह सवाल: कौन, क्या, कब, कहाँ, क्यों, कैसे

  • कौन: अंबाती रायडू ने ईशान किशन का समर्थन किया; विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर-अजित अगरकर की सेलेक्शन जोड़ी इस बहस के केंद्र में हैं।
  • क्या: रायडू ने ईशान किशन को भारतीय ODI टीम में नंबर 4 बल्लेबाज़ी पोज़ीशन का सबसे उपयुक्त विकल्प बताया है — विशेषकर कोहली की वापसी के संदर्भ में।
  • कब: 2026 में, जब भारतीय ODI टीम 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों की दिशा तय कर रही है।
  • कहाँ: भारतीय क्रिकेट के सेलेक्शन ढांचे और BCCI के कार्यालयों में यह बहस गर्म है।
  • क्यों: ईशान किशन का IPL में शानदार प्रदर्शन और बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ के रूप में मिडिल-ऑर्डर में विविधता लाने की ज़रूरत इस समर्थन की वजह है।
  • कैसे: रायडू ने एक वीडियो इंटरव्यू में ईशान की तकनीकी क्षमता, मैच-सिचुएशन एडेप्टेबिलिटी और विकेटकीपिंग ऑप्शन का हवाला देते हुए यह बात कही।

एक बल्लेबाज़ जिसे BCCI ने 'विद्रोही' करार दिया, एक पूर्व खिलाड़ी जिसने खुद सेलेक्शन पॉलिटिक्स की आग में जलकर करियर गँवाया — और एक नंबर 4 की कुर्सी जिस पर बैठने वाला हर शख़्स या तो गिरा या गिराया गया। अंबाती रायडू का ईशान किशन को खुला समर्थन महज़ एक बयान नहीं है — यह भारतीय क्रिकेट के सबसे 'ज़हरीले' बैटिंग स्लॉट की पूरी राजनीति का आईना है।

रायडू ने हाल ही में एक वीडियो इंटरव्यू में कहा कि विराट कोहली की ODI टीम में वापसी होने पर ईशान किशन नंबर 4 के लिए 'सबसे नैचुरल फ़िट' हैं। उन्होंने ईशान की बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ी, मिडिल-ऑर्डर में गियर बदलने की क्षमता और विकेटकीपिंग विकल्प देने की ख़ूबी का हवाला दिया।

यह बयान इसलिए वज़नदार है क्योंकि रायडू ख़ुद उस नंबर 4 की लड़ाई के सबसे मशहूर 'शिकार' रहे हैं। 2019 वर्ल्ड कप से ठीक पहले उन्हें दरकिनार किया गया था — और उसके बाद उन्होंने '3D ग्लासेज़' वाला वह मशहूर ट्वीट किया जो सेलेक्शन पॉलिटिक्स पर भारतीय क्रिकेट का सबसे कड़वा कमेंट बना। जब वही रायडू आज ईशान किशन के पक्ष में बोल रहे हैं, तो समझिए कि वे सिर्फ़ क्रिकेट नहीं, बल्कि सिस्टम के ख़िलाफ़ एक समानांतर बग़ावत की बात कर रहे हैं।

ईशान किशन और BCCI — टकराव की टाइमलाइन

2023 के आख़िर में ईशान किशन ने दक्षिण अफ़्रीका दौरे से नाम वापस लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ BCCI ने इसे 'अनुशासनहीनता' माना और उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया। ईशान ने रणजी ट्रॉफ़ी खेलने से भी मना किया, जिससे बोर्ड और नाराज़ हुआ। यह सिलसिला 2024 के बड़े हिस्से तक चला।

लेकिन IPL 2025 और 2026 में ईशान ने जो क्रिकेट खेला, उसने आलोचकों को चुप कराया। मिडिल-ऑर्डर में उतरकर उन्होंने दिखाया कि वे सिर्फ़ ओपनर नहीं, बल्कि प्रेशर सिचुएशन में रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। एक्सपर्ट्स और पूर्व क्रिकेटर्स ने IPL में उनके स्ट्राइक रोटेशन और फ़िनिशिंग की तारीफ़ की है।

इनसाइड टॉक

क्रिकेट के गलियारों में फ़ुसफ़ुसाहट यह है कि गौतम गंभीर — जो ख़ुद अपने खेल करियर में BCCI से कई बार टकराए — ईशान किशन की 'बग़ावत' को उतना गंभीर नहीं मानते जितना बोर्ड के कुछ अधिकारी। ट्रेड हलकों में चर्चा है कि गंभीर ने सेलेक्शन कमेटी के साथ बैठकों में ईशान की बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ी की अहमियत पर ज़ोर दिया है, ख़ासकर इसलिए कि भारत का मिडिल-ऑर्डर दाएँ हाथ के बल्लेबाज़ों से भरा है।

इंडस्ट्री इनसाइडर्स की बात मानें तो अजित अगरकर भी ईशान की प्रतिभा से इनकार नहीं करते, लेकिन 'अनुशासन का उदाहरण' बनाने का दबाव बोर्ड की ओर से है। एक वरिष्ठ क्रिकेट विश्लेषक की राय में, "BCCI का रवैया यह रहा है कि पहले सिर झुकाओ, फिर बात करेंगे — लेकिन प्रतिभा इतनी ऊँची है कि दरवाज़ा पूरी तरह बंद करना मुश्किल है।"

(यह इंडस्ट्री चर्चा और अपुष्ट सूत्रों पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।)

श्रेयस अय्यर — दावेदार या कुर्सी का मौजूदा मालिक?

नंबर 4 की बात करें तो श्रेयस अय्यर का नाम सबसे पहले आता है। 2023 वर्ल्ड कप में उन्होंने इसी पोज़ीशन पर शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन उसके बाद की कहानी उतनी चमकदार नहीं रही — शॉर्ट-पिच गेंदों के ख़िलाफ़ कमज़ोरी लगातार उजागर होती रही है, और ODI फ़ॉर्म में उतार-चढ़ाव दिखा।

रायडू ने बिना नाम लिए इशारा किया कि "नंबर 4 पर आपको कोई ऐसा चाहिए जो 20वें ओवर में भी आकर खेल सके और 40वें ओवर में भी — ईशान के पास वो गियर है।" क्रिकेट विश्लेषकों ने नोट किया है कि ईशान की विकेटकीपिंग क्षमता एक अतिरिक्त फ़ायदा है — यह टीम मैनेजमेंट को प्लेइंग इलेवन में एक एक्स्ट्रा बॉलर खेलाने का विकल्प देती है।

कोहली की वापसी — समीकरण कैसे बदलता है?

विराट कोहली की ODI टीम में वापसी अपने आप में सेलेक्शन का गणित बदल देती है। कोहली नंबर 3 पर लौटते हैं, रोहित शर्मा (अगर वे खेल रहे हैं) ओपनिंग में, शुभमन गिल टॉप-ऑर्डर में — तो नंबर 4 का सवाल और भी तीखा हो जाता है। क्या यह स्लॉट श्रेयस अय्यर का 'जन्मसिद्ध अधिकार' है, या ईशान किशन की प्रतिभा और वर्सेटिलिटी इसे छीन सकती है?

इंडिया हेराल्ड का सटीक रीड यह है कि असली लड़ाई क्रिकेट की कम, इगो मैनेजमेंट की ज़्यादा है। BCCI के लिए ईशान को वापस लाना यह स्वीकार करना होगा कि 'अनुशासनात्मक कार्रवाई' एक ऐसे खिलाड़ी पर की गई जिसकी जगह कोई और भर नहीं पाया। 2027 वर्ल्ड कप 15 महीने दूर है, और भारत का मिडिल-ऑर्डर अभी भी 'सेटल्ड' नहीं दिखता। अगर गंभीर-अगरकर जोड़ी नतीजों को प्राथमिकता देती है तो ईशान का दरवाज़ा खुलेगा; अगर बोर्ड की 'उदाहरण' पॉलिटिक्स हावी रही, तो भारत 2019 के रायडू एपिसोड का रीमेक देखेगा — जहाँ सबसे योग्य बाहर बैठा और टीम ने कीमत चुकाई।

रायडू क्यों बोले — पंक्तियों के बीच पढ़ें

रायडू का यह बयान सिर्फ़ क्रिकेटिंग राय नहीं है। जब एक खिलाड़ी जिसने ख़ुद '3D ग्लासेज़' से BCCI की सेलेक्शन पॉलिसी पर निशाना साधा था, वही ईशान किशन जैसे 'बाग़ी' के पक्ष में बोलता है — तो यह एक इनडायरेक्ट मैसेज है। फ़ैन्स मानते हैं कि रायडू ईशान में अपनी कहानी देखते हैं — प्रतिभा जो सिस्टम की राजनीति में दबा दी गई। सोशल मीडिया पर ईशान के समर्थन में भावनाएँ मज़बूत हैं, और 'Justice for Ishan' जैसे हैशटैग समय-समय पर ट्रेंड करते रहे हैं।

आगे क्या? — वह तीन चीज़ें जो तय करेंगी ईशान का भविष्य

पहला, IPL 2026 में ईशान का प्रदर्शन — अगर वे मिडिल-ऑर्डर में लगातार मैच-विनिंग पारियाँ खेलते रहे, तो सेलेक्टर्स पर दबाव और बढ़ेगा। दूसरा, गंभीर-अगरकर की जोड़ी का 'अनुशासन बनाम प्रतिभा' पर रुख़ — अगर वे 2027 वर्ल्ड कप को प्राथमिकता देते हैं, तो व्यावहारिकता जीतेगी। तीसरा, कोहली और रोहित शर्मा की ODI उपलब्धता — अगर दोनों सीनियर 2027 तक ODI खेलते हैं, तो मिडिल-ऑर्डर में जगह और भी सीमित हो जाएगी और प्रतिस्पर्धा भीषण।

भारतीय क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि नंबर 4 की कुर्सी ने रायडू से लेकर केएल राहुल तक, कई करियर को निगला है। ईशान किशन के पास टैलेंट है, IPL फ़ॉर्म है, और अब रायडू जैसे 'सिस्टम के शिकार' का खुला समर्थन भी। लेकिन BCCI के दरबार में प्रतिभा अकेले काफ़ी कभी नहीं रही — सवाल यह है कि क्या इस बार भी इगो जीतेगा, या 2027 का वर्ल्ड कप इतना बड़ा है कि बोर्ड ग़ुरूर निगलकर सबसे अच्छे खिलाड़ी को चुनेगा?

आँकड़ों में

  • ईशान किशन को 2023 के अंत में BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर किया गया — अनुशासनहीनता के आरोप में।
  • भारत का नंबर 4 स्लॉट ODI में 2019 से लगातार अस्थिर रहा है — रायडू, राहुल, अय्यर, पंत समेत कम से कम 6 बल्लेबाज़ आज़माए गए।
  • 2027 ODI वर्ल्ड कप लगभग 15 महीने दूर है — मिडिल-ऑर्डर कॉम्बिनेशन अभी तय नहीं।

मुख्य बातें

  • अंबाती रायडू ने ईशान किशन को विराट कोहली की वापसी पर नंबर 4 का सबसे उपयुक्त विकल्प बताया — रायडू ख़ुद 2019 में इसी पोज़ीशन की सेलेक्शन पॉलिटिक्स के शिकार रहे।
  • ईशान किशन का BCCI से टकराव 2023 के दक्षिण अफ़्रीका दौरे से शुरू हुआ — सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर किए गए लेकिन IPL में फ़ॉर्म बरक़रार रखी।
  • श्रेयस अय्यर नंबर 4 के मौजूदा दावेदार हैं, लेकिन शॉर्ट-पिच गेंदों के ख़िलाफ़ कमज़ोरी और ईशान की विकेटकीपिंग + बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ी का फ़ायदा समीकरण बदल सकता है।
  • 2027 वर्ल्ड कप सिर्फ़ 15 महीने दूर है — गंभीर-अगरकर जोड़ी के लिए यह 'अनुशासन बनाम प्रतिभा' का निर्णायक फ़ैसला होगा।
  • ट्रेड हलकों में चर्चा है कि गंभीर ने सेलेक्शन बैठकों में ईशान की बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ी की अहमियत पर ज़ोर दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ईशान किशन भारतीय ODI टीम में वापसी कर सकते हैं?

अगर गंभीर-अगरकर जोड़ी 2027 वर्ल्ड कप के लिए प्रतिभा को प्राथमिकता देती है और ईशान IPL में मिडिल-ऑर्डर फ़ॉर्म बनाए रखते हैं, तो उनकी वापसी की संभावना मज़बूत है। हालाँकि BCCI का अनुशासन संबंधी रुख़ अभी बाधा बना हुआ है।

ईशान किशन और BCCI के बीच विवाद क्या था?

2023 के अंत में ईशान ने दक्षिण अफ़्रीका दौरे से नाम वापस लिया और रणजी ट्रॉफ़ी खेलने से मना किया, जिसे BCCI ने अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया।

अंबाती रायडू ने ईशान किशन के समर्थन में क्या कहा?

रायडू ने कहा कि विराट कोहली की वापसी पर ईशान नंबर 4 के सबसे 'नैचुरल फ़िट' हैं — उनकी बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ी, गियर बदलने की क्षमता और विकेटकीपिंग विकल्प को वजह बताया।

क्या विराट कोहली 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे?

कोहली की ODI टीम में वापसी की संभावनाएँ बनी हुई हैं। उनकी फ़िटनेस और फ़ॉर्म इस पर निर्भर करेगी, लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अगर वे फ़िट रहते हैं तो 2027 वर्ल्ड कप उनकी प्राथमिकता होगी।

श्रेयस अय्यर की नंबर 4 पोज़ीशन पर ईशान किशन से प्रतिस्पर्धा कैसी है?

अय्यर 2023 वर्ल्ड कप में नंबर 4 पर सफल रहे लेकिन शॉर्ट-पिच गेंदों के ख़िलाफ़ कमज़ोरी चिंता का विषय है। ईशान की बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ी और विकेटकीपिंग क्षमता उन्हें अतिरिक्त बढ़त देती है।

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