फ़िल्म 'एमएस धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी' बड़े पर्दे पर आने को तैयार है जो भारतीय टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के जीवन पर आधारित है, जिसमें धोनी का किरदार अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं| 30 सितंबर को प्रदर्शित होने जा रही इस फ़िल्म का ट्रेलर मुंबई में लॉन्च किया गया| इस अवसर पर धोनी और सुशांत सिंह राजपूत एक साथ एक स्टेज पर मीडिया से मुख़ातिब हुए| धोनी ने कहा, "ख़ुद पर बनी फ़िल्म को देखना मुश्किल है और अपने जीवन की घटनाओं को पर्दे पर देखकर थोड़ी शर्म आती है|"
सुशांत सिंह ने इस मौके पर धोनी से कई सवाल भी पूछे, धोनी ने कहा कि वो फ़िल्म देखकर ख़ुश हैं और ये उनके क्रिकेटर बनने की कहानी है न कि उनके क्रिकेटर होने की| जब उनसे रिटायमेन्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि रिटायरमेंट के लिए अभी वक्त है| धोनी ने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें शांत और संयत रहना सिखाया, जब आपका दिन अच्छा न हो तो बुरे से बुरा फ़ील्डर भी आपका कैच लपक लेगा, और अगर आपका दिन अच्छा है तो बेहतरीन गेंदबाज़ भी अच्छी गेंदबाज़ी नहीं कर पाएगा|
इसलिए ज़िन्दगी अनसर्टेनिटी से भरी हुई है| धोनी ने मीडिया को अपने जीवन के किई किस्से भी बताये| उन्होंने कहा, "जिस दिन मेरी 12वीं की परीक्षा थी और तब परीक्षा के बाद मेरा मैच भी था| मैंने अपने पिता से पूछा कि मुझे आज प्रैक्टिस करनी है और अगले दिन मुझे स्टेडियम पहुंचना है| मेरे पिता ने शांत भाव से कहा कि बेटा, साल भर पढ़े होगे तो एक दिन से कुछ नहीं होगा और साल भर नहीं पढ़े होगे तो अब एक दिन से भी कुछ नहीं होगा, इसलिए जाओ, खेलो|"
धोनी ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, "वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान के साथ मैच में मैंने मिसबाह का कैच पकड़ लिया| ये एक मुश्किल कैच लग रहा था लेकिन उस वक्त ये मेरी टीम और मेरे देश के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ थी| श्रीसंथ लॉन्ग लेग पर थे और कुछ गड़बड़ाए से लग रहे थे| मुझे पता था कि वो कैच नहीं ले सकेंगे इसलिए मैंने कोशिश की और बाक़ी इतिहास है|"