कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी को राज्यसभा में श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सोमवार को सभापति एम वेंकैया नायडू भावुक हो गए। रेड्डी का रविवार को 77 की उम्र में निधन हो गया था। उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि जयपाल का जाना बेहद दुखदायी है। वे मेरे मित्र, वरिष्ठ सहयोगी और मार्गदर्शक थे। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें रेड्डी को कुशल प्रशासक के तौर पर याद किया।
रेड्डी के साथ 40 साल के रिश्तों को याद करते हुए नायडू ने कहा, ‘‘मुझे आंध्रप्रदेश विधानसभा में उनके साथ दो कार्यकाल के लिए काम करने का सौभाग्य मिला। हम दोनों एक ही बेंच पर बैठते थे। हमारी अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होती रहती थी। तब विधानसभा की बैठक सुबह आठ बजे शुरू होती थी। हम सात बजे नाश्ते पर मिलते थे। वे मुझसे 6 साल बड़े थे और मेरे मार्गदर्शक थे।’’
गरीब और पिछड़ों के नेता थे जयपाल: मनमोहन
मनमोहन सिंह ने रेड्डी की पत्नी को पत्र लिखकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रिय मित्र और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के जाने से बेहद दुखी हूं। उनके पास ज्ञान और अनुभव का भंडार था। उनके निधन से देश को बड़ी क्षति हुई। जयपाल ने गरीबों और दबे-कुचलों के लिए बहुत काम किया।’’
1998 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार मिला
रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हैदराबाद के मदगुल में हुआ था। उनका राजनीतिक सफर आंध्रप्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष से शुरू हुआ। अविभाजित आंध्र प्रदेश में वे 4 बार विधायक और 5 बार सांसद चुने गए। 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल की सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री रहे। रेड्डी को 1998 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार मिला था। यूपीए-1 में उन्होंने शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली। यूपीए-2 में उनके पास शहरी विकास मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी रही।
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