ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर MakeMyTrip ने 350 कर्मचारियों को निकाल दिया है। ग्रुप के एग्जिक्युटिव चेयरमैन दीप कालरा और ग्रुप सीईओ राजेश मैगोव ने कर्मचारियों को लिखित तौर पर यह जानकारी दी है। कंपनी ने कहा कि उन्हें यह निर्णय लेना था क्योंकि कोरोना महामारी की वजह से जारी लॉकडाउन के कारण व्यवसाय में भारी नुकसान हुआ था।
उन्होंने लिखा कि बीते दो महीनों से वे हालात का विश्लेषण कर रहे हैं और कारोबार की रिकवरी को लेकर विचार कर रहे हैं। कंपनी की चेयरमैन ने कहा कि कोरोना के संकट में हमारे कारोबार पर स्पष्ट तौर पर असर देखने को मिला है।
उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि महामारी के चलते कारोबार की स्थिति बदली है और अब हालात पहले जैसे नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि इस संकट की वजह से कंपनी ने अपनी वर्कफोर्स में कमी करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि हमने भविष्य की कारोबारी रणनीति को ध्यान में रखते हुए स्टाफ में कमी करने का फैसला लिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि लेऑफ का शिकार होने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी इस साल के अंत तक मेडिक्लेम कवरेज मुहैया कराया जाएगा।
इसके अलावा लीव एन्कैशमेंट, ग्रैच्युटी, कंपनियों के लैपटॉप्स का रिटेंशन और आउटप्लेसमेंट सपोर्ट की सुविधा जारी रहेगी।
इससे पहले ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो और स्विगी भी छंटनी कर चुकी हैं। ऑनलाइन फूड डिलिवरी इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से खाना ऑर्डर नहीं किया जा रहा है।
ऐसे में कर्मचारियों और डिलिवरी बॉय का खर्चा उठा पाना काफी मुश्किल है। इसके अलावा कोरोना वायरस की वजह से निकट भविष्य में लोग रेस्टोरेंट या होटलों से खाना कम ही ऑर्डर करने वाले हैं। यही नहीं कैब ऐग्रिगेटर कंपनी ओला ने भी 1,400 कर्मचारियों की छंटनी की है।
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