नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कश्मीर के मामले पर सभी राजनीतिक दलों ने जो एक स्वर और भावना व्यक्त की है उस पर खुशी जताई है| सीमा पार हो रहे सारे समस्याओं के लिए उन्होंने आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है| पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा "आज जब हम जम्मू-कश्मीर की बात करते हैं, तो हमें जम्मू-कश्मीर राज्य के चार भागों की बात करनी चाहिए: जम्मू, कश्मीर-घाटी, लद्दाख और पाक-अधिकृत कश्मीर यानी पीओके|"
पीएम ने कहा, "मैं सभी राजनैतिक दलों के नेताओं का आभारी हूं कि उन्होंने जम्मू और कश्मीर के इलाकों में मौजूदा स्थिति के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है| लोकतंत्र द्वारा पिछले छह दशकों से पोषित समृद्ध परंपरा हमारे देश की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत रही है| कुछ मुद्दों पर हमारे बीच कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब देश की अखंडता और संप्रभुता की बात आती है तब हम एकजुट रहते हैं|"
मोदी ने कहा, "हाल ही में हुए जम्मू व कश्मीर में जो घटनाएं हुई उस से हर भारतीय की तरह, मेरे हृदय को भी काफी गहरा दुख पहुंचा है| मुझे यह देखकर बहुत दुख होता है कि बच्चे अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, सेब का उत्पादन मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा, दुकानदारों की दैनिक आमदनी नहीं हो रही है और सरकारी कार्यालय लोकहित के कार्य नहीं कर पा रहे हैं| इस स्थिति से सबसे अधिक गरीब प्रभावित हैं|"
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम राजनीतिक कार्यकर्ताओं का अस्तित्व तो लोगों की वजह से ही है| ये हमारी ताकत हैं, हमारी ऊर्जा का स्रोत हैं; वास्तव में, जनशक्ति हमारे सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं| चाहे कोई भी हताहत हो, आम नागरिक हों या फिर सुरक्षा अधिकार दुःख हम सब को होता है| उनके परिवारों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है| घायल हुए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और साथ ही हम जल्द से जल्द घाटी में शांति स्थापित करना चाहते हैं, ताकि यहां के लोग अपना सामान्य जीवन जी सकें, अपनी रोजी-रोटी कमा सकें, अपने बच्चों को पढ़ा सकें और रात में सुकून से सो सकें|"