सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरे’प के गुनाहगार अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। अब इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि कोर्ट आज चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर सकता है। पिछली सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में हम डेथ वॉरंट जारी नहीं कर सकते। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। जिसके बाद अब दो’षियों को पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। जहां मामले की सुनवाई होगी।

 

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कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर-1973, यानी दंड प्रक्रिया संहिता- 1973 (CrPC) के तहत 56 फॉर्म्स होते हैं। फॉर्म नंबर 42 को डेथ वारंट कहा जाता है। इसके ऊपर ‘वारंट ऑफ एक्जेक्यूशन ऑफ अ सेंटेंस ऑफ डे’थ’ लिखा होता है। वहीं इसे ब्लैक वारंट भी कहा जाता है। इसके जारी होने के बाद ही किसी व्यक्ति को फां’सी दी जाती है।

 

अगर निर्भया रे’प और म’र्डर मामले में दो’षी पाए गए चारों अभियुक्तों को अदालतों या राष्ट्रपति से राहत नहीं मिलती है तो उन्हें फां’सी पर लटकाने के लिए इसी फॉर्म नंबर 42 यानी ब्लैक वारंट का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुनाते हुए जस्टिस भानुमति ने कहा कि ट्रायल और जांच सही हुई है और उसमें कोई खामी नहीं है। मृ’त्यु दं’ड का सवाल है तो उसमें कोर्ट ने बचाव का पूरा मौका दिया है। जज ने कहा कि हमें याचिका में कोई ग्राउंड नहीं मिला है। इस तरह अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई।

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