दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अभिनेत्री कंगना रनोट के उस बयान पर भड़के हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारे देश की जनसंख्या में से सिर्फ 3-4 फीसदी लोग ही टैक्स भरते हैं और बाकी उन पर निर्भर रहते हैं। सिसोदिया ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर कंगना के दावे को गलत बताया और कहा है कि देश 3% लोगों के टैक्स पर निर्भर नहीं है। मजदूर से लेकर अरबपति तक सभी टैक्स अदा करते हैं। सिसोदिया ने कंगना पर तंज कसते हुए कहा है कि उनकी करोड़ों की कमाई में दिहाड़ी मजदूर का भी योगदान होता है। इसलिए उन्हें सोचना चाहिए कि कौन किस पर निर्भर है?
यह कहा था कंगना ने
सोमवार शाम फिल्म 'पंगा' के ट्रेलर लॉन्च पर कंगना ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शनों में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा था, "हमारी जनसंख्या में से महज 3-4 फीसदी लोग टैक्स भरते हैं। बाकी उन पर निर्भर रहते हैं। इसलिए बसें, ट्रेनें जलाने और देश में हंगामा खड़ा करने का अधिकार आपको किसने दिया? एक बस की कीमत बहुत ज्यादा होती है। वह कोई मामूली रकम नहीं होती और देश की हालत यह है कि कई लोग कुपोषण से मर रहे हैं।"
कंगना ने अपने बयान में कहा था, "लोकतंत्र के नाम पर हिंसा भड़काना सही नहीं है। हम अब भी आजादी से पहले के दौर में अटके हुए हैं। उस वक्त उन लोगों के खिलाफ हड़ताल होती थी, जिन्होंने हम पर कब्जा जमा रखा था, जो टैक्स नहीं भरते थे, तब यह सब (प्रदर्शन करना) वाकई अच्छा था। लेकिन आज के दौर में लोकतंत्र के कारण आपका नेता आपके बीच से ही निकलता है। कोई इटली या जापान से नहीं आता।"
मनीष सिसोदिया का जवाब
मनीष सिसोदिया ने कंगना के बयान वाले न्यूज एजेंसी एएनआई के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, "हिंसा और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचना तो हर हाल में गलत है। यह इंसानियत और कानून दोनो के खिलाफ है। पर यह देश सिर्फ 3% लोगों के टैक्स पर डिपेंड नहीं है। एक सामान्य नौकरीपेशा, यहां तक कि एक दिहाड़ी मजदूर से लेकर अरबपति तक देश में हर आदमी टैक्स देता है।
सिसोदिया ने अगले ट्वीट में लिखा, "एक दिहाड़ी मजदूर भी जब बाजार से माचिस या नमक का पैकेट खरीदकर लाता है तो टैक्स सहित कीमत देकर आता है। चंद अरबपतियों से मिलने वाला इनकम टैक्स ही केवल टैक्स नहीं होता है।"
तीसरे ट्वीट में सिसोदिया ने लिखा, "और हां! एक सामान्य दिहाड़ी मजदूर भी जब सिनेमा देखने जाता है तो फिल्मी सितारों की करोड़ों की कमाई में योगदान भी देता है और इस देश के लिए टैक्स भी देता है। अब सोचिए कौन किस पर डिपेंडेंट है?"
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