धमाल 4 ने रिलीज़ के दो दिनों में ₹50 करोड़ से ज़्यादा की कमाई कर ली है, जो 2025 की किसी भी बॉलीवुड फ़िल्म का सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड बनने की राह पर है। ABP News और Bollywood Life की रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इसने पहले दिन ही तीन बड़े रिकॉर्ड तोड़े।
₹50 करोड़। दो दिन। एक ऐसी फ़िल्म जिसमें न कोई सुपरहीरो है, न कोई देशभक्ति का भाषण, न कोई 300 करोड़ का VFX बजट — बस चार दोस्त हैं जो बीस साल से एक-दूसरे की टाँगें खींच रहे हैं, और दर्शक हैं जो बीस साल से उन्हें ऐसा करते देखकर पेट पकड़कर हँस रहे हैं। धमाल 4 ने वो कर दिखाया है जो बॉलीवुड के तमाम 'बड़े बजट' एक्शन और ड्रामा इस साल नहीं कर पाए।
ABP News की रिपोर्ट के मुताबिक़ धमाल 4 ने पहले ही दिन तीन बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए, और Bollywood Life ने पुष्टि की कि दूसरे दिन कमाई में 'जबरदस्त उछाल' आया, जिससे दो दिनों का कुल कलेक्शन ₹50 करोड़ के पार पहुँच गया। तुलना के लिए देखिए — आलिया भट्ट की बहुचर्चित 'अल्फ़ा' को 'ऐल्फ़ा' पस्त, 'धमाल 4' मस्त — एक पूरा हफ़्ता लगा और फिर भी ₹50 करोड़ का आँकड़ा नहीं छू पाई। ABP News के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार अल्फा सात दिन बाद भी ₹50 करोड़ के नीचे अटकी हुई है।
सवाल सिर्फ़ नंबरों का नहीं है। सवाल यह है कि बॉलीवुड ने कॉमेडी सीक्वल को दशकों तक 'बी-ग्रेड' समझकर नज़रअंदाज़ किया, जबकि हॉलीवुड में 'द हैंगओवर' से लेकर 'बैड बॉयज़' तक, कॉमेडी फ़्रेंचाइज़ी बिलियन-डॉलर मशीन बनी रहीं। धमाल सीरीज़ शायद पहला भारतीय प्रमाण है कि यह फॉर्मूला यहाँ भी उतना ही ताक़तवर है — बशर्ते कास्ट वही रहे, केमिस्ट्री असली हो, और मेकर्स 'प्रीमियम' बनने के चक्कर में हँसी का तापमान न गिराएँ।
इनसाइड टॉक
ट्रेड हलकों में एक दिलचस्प चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि धमाल 4 की असली ताक़त मल्टीप्लेक्स नहीं, सिंगल-स्क्रीन है। छोटे शहरों के सिनेमाघरों से आ रहे आँकड़े बता रहे हैं कि फ़ैमिली ऑडियंस — जो OTT के ज़माने में थिएटर छोड़ चुकी थी — धमाल के लिए लौटी है। इंडस्ट्री की बात यह है कि अजय देवगन ने इस बार प्रोड्यूसर की कुर्सी से ज़्यादा एक्टिव रोल खेला, और फ़िल्म की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी में नॉस्टैल्जिया को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया — पुराने धमाल के आइकॉनिक सीन्स के रीमेक-टीज़र्स ने सोशल मीडिया पर वायरल साइकिल चलाई।
एक और बात जो बाहर कम सुनाई दे रही है: फ़ैन्स मानते हैं कि इस बार रितेश देशमुख और जावेद जाफ़री की जोड़ी ने अजय देवगन को भी मात दे दी है। लेकिन असली इंडस्ट्री गॉसिप यह है कि अजय और इंदु किशोर डबलानी के बीच 'कॉमेडी किंग' का एक अनकहा मुक़ाबला चल रहा है — दोनों के पास अब मल्टीपल कॉमेडी फ़्रेंचाइज़ी हैं, और दोनों यह दावा करते हैं कि बिना उनके कॉमेडी चलती नहीं। (यह इंडस्ट्री चर्चा और अपुष्ट अटकलों पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।)
₹100 करोड़ क्लब: गणित क्या कहता है?
Bollywood Life की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे दिन की कमाई में उछाल आया, जो एक अच्छा संकेत है — आम तौर पर शुक्रवार रिलीज़ फ़िल्मों में शनिवार को ग्रोथ तभी आती है जब वर्ड-ऑफ़-माउथ मज़बूत हो। अगर रविवार को भी यही ट्रेंड रहता है, तो ₹80-85 करोड़ का वीकेंड संभव है। सोमवार का 'मंडे टेस्ट' बताएगा कि ₹100 करोड़ पहले हफ़्ते में आएगा या नहीं।
तुलना करें: 'टोटल धमाल' (2019) ने पहले वीकेंड में ₹62.40 करोड़ कमाए थे — उस समय के हिसाब से ज़बरदस्त आँकड़ा। लेकिन तब टिकट की औसत क़ीमत ₹150-180 के आसपास थी, अब ₹220-280 है। इसलिए सिर्फ़ रुपये में तुलना करना भ्रामक होगा — असली सवाल यह है कि कितने दर्शक आए। ABP News ने जो तीन रिकॉर्ड गिनाए हैं, उनमें से एक ओपनिंग-डे ऑक्यूपेंसी का है, जो बताता है कि सीटें भरी हैं, सिर्फ़ टिकट महँगे नहीं हुए।
अल्फ़ा बनाम धमाल: एक ही हफ़्ते, दो अलग सबक़
यह संयोग नहीं है कि अल्फ़ा और धमाल 4 लगभग साथ-साथ चल रही हैं। Jansatta की रिपोर्ट के अनुसार अल्फ़ा ने दूसरे दिन ₹11.25 करोड़ कमाए — बुरा नहीं, लेकिन धमाल 4 के दूसरे दिन के आँकड़े के सामने फीका। Bollywood Life के अनुसार अल्फ़ा का 'मंडे टेस्ट' में दम निकल गया, चौथे दिन की कमाई ने मेकर्स को झटका दिया। Oneindia ने भी चौथे दिन की गिरावट को 'बड़ी गिरावट' बताया।
इंडिया हेराल्ड का सीधा पॉलिटिकल रीड यह है: बॉलीवुड ₹200 करोड़ बजट की 'प्रीमियम' फ़िल्मों के पीछे भागता रहा है, लेकिन असली ATM मशीन वो फ़िल्में हैं जो ₹80-100 करोड़ में बनती हैं और ₹200 करोड़ कमाती हैं। धमाल 4 उसी कैटेगरी में है। रिस्क-रिवॉर्ड का गणित यहाँ एकदम साफ़ है: कम बजट, जाना-पहचाना ब्रांड, गारंटीड ऑडियंस, और प्रॉफ़िट मार्जिन जो किसी ₹300 करोड़ की VFX-भारी फ़िल्म से कहीं बेहतर है।
'धमाल 4' में AI से 'ज़िंदा' हुए दिवंगत एक्टर — यह विवाद भी कमाई पर असर डाल सकता था, लेकिन लगता है कि दर्शकों ने इसे श्रद्धांजलि के रूप में स्वीकार किया, और यह अपने आप में एक दिलचस्प सांस्कृतिक बदलाव है।
आगे क्या देखें
अगर धमाल 4 ₹100 करोड़ पहले हफ़्ते में पार करती है — जिसकी संभावना मज़बूत है — तो इसके तीन बड़े नतीजे होंगे। पहला, हर बड़ा प्रोडक्शन हाउस अपनी पुरानी कॉमेडी फ़्रेंचाइज़ी के 'रीबूट' या सीक्वल की फ़ाइलें खोलेगा — हेरा फेरी 3 की चर्चा फिर तेज़ होगी। दूसरा, सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों के मालिक — जो OTT के डर से बंद कर रहे थे — को एक नई उम्मीद मिलेगी कि फ़ैमिली कॉमेडी उनकी जान बचा सकती है। तीसरा, और सबसे अहम — अजय देवगन का 'कॉमेडी फ़्रेंचाइज़ी किंग' का ताज और मज़बूत होगा, और यह देखना दिलचस्प होगा कि अक्षय कुमार और वरुण धवन जैसे एक्टर्स इस ट्रेंड को कैसे जवाब देते हैं।
बॉलीवुड ने सालों तक कॉमेडी को 'आसान काम' माना। धमाल 4 का ₹50 करोड़ वाला वीकेंड बता रहा है कि लोगों को हँसाना असल में सबसे मुश्किल — और सबसे मुनाफ़े वाला — काम है। सवाल यह है: क्या इंडस्ट्री अब भी इस सबक़ को 'हल्का' लेगी?
ऊपर दी गई इंडस्ट्री चर्चा अपुष्ट अटकलों और ट्रेड बज़ पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।
इंडिया हेराल्ड के संपादकीय मानकों के तहत AI सहायता से रिपोर्ट और लेखन; प्रकाशन का निर्णय मानव संपादक करते हैं।
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मुख्य बातें
- धमाल 4 ने दो दिनों में ₹50 करोड़+ कमाए — 2025 का सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड बनने की राह पर (ABP News, Bollywood Life)
- आलिया भट्ट की अल्फ़ा सात दिन में भी ₹50 करोड़ नहीं छू पाई — कॉमेडी बनाम एक्शन का सबक़ साफ़ (ABP News)
- अगर रविवार का ट्रेंड बना रहा तो पहले हफ़्ते ₹100 करोड़ क्लब में एंट्री लगभग तय
- सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स — फ़ैमिली ऑडियंस की थिएटर वापसी का संकेत
- बॉलीवुड कॉमेडी फ़्रेंचाइज़ी 'लो-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड' मॉडल का सबसे ताज़ा सबूत
आँकड़ों में
- धमाल 4: 2 दिनों में ₹50 करोड़+ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (Bollywood Life, ABP News)
- अल्फ़ा: 7 दिनों में भी ₹50 करोड़ के नीचे (ABP News)
- अल्फ़ा दूसरे दिन का कलेक्शन: ₹11.25 करोड़ (Jansatta)
- टोटल धमाल (2019) का पहला वीकेंड: ₹62.40 करोड़






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