रॉबर्ट पैटिनसन ने हाल ही में बताया कि 'द ओडिसी' की शूटिंग के दौरान वे टॉम हॉलैंड की 'सेफ्टी ब्लैंकेट' बन गए थे — नोलन के सेट पर हॉलैंड का यह उनका पहला अनुभव था और पैटिनसन ने पुराने अनुभव के दम पर उन्हें सहारा दिया।
हॉलीवुड में बड़े-बड़े नामों के बीच दोस्ती की कहानियाँ आम हैं, लेकिन जब रॉबर्ट पैटिनसन ख़ुद कहें कि वे टॉम हॉलैंड की 'सेफ्टी ब्लैंकेट' बन गए, तो बात कुछ और ही है। यह कोई PR वाली मीठी-मीठी बात नहीं — यह क्रिस्टोफ़र नोलन के सेट की उस अनोखी दुनिया की कहानी है जहाँ दुनिया के सबसे बड़े स्टार्स भी पहले दिन नर्वस फ़्रेशर की तरह महसूस कर सकते हैं।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पैटिनसन ने 'द ओडिसी' के प्रमोशन के दौरान यह बात शेयर की। उन्होंने बताया कि हॉलैंड के लिए नोलन का सेट बिलकुल नई दुनिया थी — वह माहौल जहाँ स्क्रिप्ट पहले से नहीं मिलती, जहाँ शॉट्स IMAX कैमरों पर एक ही टेक में लिए जाते हैं, और जहाँ डायरेक्टर का हर निर्देश एक गूढ़ पहेली जैसा होता है। ऐसे में हॉलैंड को किसी ऐसे शख़्स की ज़रूरत थी जो पहले इस अग्निपरीक्षा से गुज़र चुका हो।
और पैटिनसन बिलकुल वही शख़्स थे। 2020 में 'टेनेट' के दौरान उन्होंने ख़ुद नोलन के सेट की भूलभुलैया को समझा था — वह तजुर्बा अब हॉलैंड के काम आ रहा था। पैटिनसन ने एक इंटरव्यू में कहा कि हॉलैंड बार-बार उनके पास आते थे, सवाल पूछते थे, और कई बार बस उनके पास बैठे रहना ही उन्हें सुकून देता था।
इनसाइड टॉक
यहाँ जो बात ज़्यादातर ख़बरों में नहीं दिखेगी, वह यह है: नोलन का सेट इंडस्ट्री में एक तरह के 'बूट कैंप' की तरह जाना जाता है। ट्रेड हलकों में चर्चा है कि नोलन जानबूझकर अपने एक्टर्स को थोड़ा 'एज पर' रखते हैं — कम जानकारी देना, रिहर्सल न करवाना, और असली विस्फोट या समुद्री तूफ़ान के बीच शूट करना। यह उनका तरीक़ा है परफ़ॉर्मेंस से कच्चापन निकलवाने का। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि सेट पर हर एक्टर अपने आप को थोड़ा अकेला और असुरक्षित महसूस करता है।
इंडस्ट्री की बात यह है कि पैटिनसन ने 'टेनेट' के दौरान यह अकेलापन ख़ुद झेला था — जॉन डेविड वॉशिंगटन के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री शानदार थी, लेकिन ऑफ़-स्क्रीन पैटिनसन ने कई बार स्वीकार किया कि नोलन की शूटिंग शैली उन्हें 'डराती' भी थी। शायद इसीलिए जब उन्होंने हॉलैंड को उसी स्थिति में देखा, तो उन्होंने वह सहारा दिया जो उन्हें ख़ुद कभी नहीं मिला था। (यह इंडस्ट्री चर्चा और विश्लेषण पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।)
अब ज़रा सोचिए — टॉम हॉलैंड कोई नौसिखिया नहीं हैं। यह वही एक्टर हैं जिन्होंने MCU के स्पाइडर-मैन की ज़िम्मेदारी 19 साल की उम्र में उठाई, जिन्होंने बिलियन-डॉलर फ़्रेंचाइज़ी का बोझ सँभाला, और जिन्हें हॉलीवुड के सबसे बैंकेबल यंग स्टार्स में गिना जाता है। फिर भी, नोलन के सेट पर उन्हें किसी का सहारा चाहिए था। यह बात नोलन की फ़िल्ममेकिंग की ताक़त — और उसके दबाव — दोनों को एक साथ बयान करती है।
इंडिया हेराल्ड का मानना है कि पैटिनसन-हॉलैंड का यह बॉन्ड दरअसल नोलन की उस रणनीति का उपोत्पाद है जो उनके सिनेमा को बाक़ी हॉलीवुड से अलग बनाती है। जहाँ मार्वल और DC के सेट्स पर ग्रीन स्क्रीन, कम्फ़र्ट ज़ोन और स्टंट डबल्स का ज़माना है, वहाँ नोलन अपने एक्टर्स को असली समुद्र में, असली तूफ़ान के बीच, बिना जाल के रस्सी पर चलने को कहते हैं। इस माहौल में 'सेफ्टी ब्लैंकेट' महज़ एक प्यारा मुहावरा नहीं — यह सर्वाइवल मैकेनिज़्म है।
'द ओडिसी' होमर की महाकाव्य कथा पर आधारित है और रिपोर्ट्स के अनुसार इसे पूरी तरह IMAX फ़ॉर्मेट में शूट किया गया है। फ़िल्म में पैटिनसन, हॉलैंड के अलावा ऐन हैथवे, मैट डेमन और ज़ेंडया जैसे बड़े नाम भी हैं। 98% रॉटन टोमैटोज़ रेटिंग के साथ इसने पहले ही क्रिटिक्स को अपना बना लिया है, और भारत में भी 2,500 से ज़्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई है।
लेकिन यहाँ एक दिलचस्प सवाल है जो फ़ैन्स पूछ रहे हैं: क्या यह बॉन्ड सिर्फ़ सेट तक सीमित है, या आगे भी कोई प्रोजेक्ट साथ आ सकता है? ट्रेड विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर 'द ओडिसी' बॉक्स ऑफ़िस पर वैसा तहलका मचाती है जैसा 'ओपनहाइमर' ने मचाया था, तो नोलन अगली फ़िल्म में भी इस जोड़ी को साथ रख सकते हैं। और अगर ऐसा होता है, तो हम शायद हॉलीवुड की अगली बड़ी ऑन-स्क्रीन जोड़ी देख रहे हैं — डे नीरो-पचीनो या पिट-क्लूनी की तर्ज़ पर।
आने वाले हफ़्तों में देखने वाली बात यह होगी कि 'द ओडिसी' भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर कितनी गहरी पैठ बनाती है। अगर यह ₹100 करोड़ का आँकड़ा पार करती है — जो नोलन की 'ओपनहाइमर' और 'इंटरस्टेलर' ने भारत में किया था — तो यह साबित होगा कि भारतीय दर्शक सिर्फ़ एक्शन या सुपरहीरो नहीं, बल्कि शिल्प और अनुभव के भूखे हैं।
और शायद सबसे बड़ी बात यह है: एक ऐसे दौर में जब हॉलीवुड में सबकुछ फ़्रेंचाइज़ी, IP और ब्रांड वैल्यू पर टिका है, पैटिनसन का हॉलैंड के लिए सहारा बनना याद दिलाता है कि फ़िल्में आख़िरकार इंसान बनाते हैं — और इंसानों को कभी-कभी बस किसी की ज़रूरत होती है जो कहे, 'मैं यहाँ हूँ, सब ठीक होगा।' नोलन के सेट पर भले ही समुद्र गरज रहा हो, लेकिन असली जादू वह था जो दो एक्टर्स के बीच चुपचाप बन रहा था।
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मुख्य बातें
- रॉबर्ट पैटिनसन ने ख़ुद बताया कि 'द ओडिसी' के सेट पर वे टॉम हॉलैंड की 'सेफ्टी ब्लैंकेट' बने — हॉलैंड पहली बार नोलन के साथ काम कर रहे थे।
- नोलन की शूटिंग शैली — न्यूनतम रिहर्सल, असली प्रैक्टिकल इफ़ेक्ट्स, IMAX शूटिंग — अनुभवी एक्टर्स को भी दबाव में डालती है।
- पैटिनसन का 'टेनेट' का अनुभव इस बॉन्ड की नींव था — उन्होंने वह सहारा दिया जो ख़ुद उन्हें कभी नहीं मिला था।
- ट्रेड विश्लेषकों को उम्मीद है कि अगर 'द ओडिसी' कामयाब रही, तो यह जोड़ी आगे भी साथ दिख सकती है।
- फ़िल्म को 98% रॉटन टोमैटोज़ रेटिंग मिली है और भारत में 2,500+ स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई है।
आँकड़ों में
- 98% रॉटन टोमैटोज़ रेटिंग — 'द ओडिसी' को क्रिटिक्स से लगभग सर्वसम्मत प्रशंसा मिली
- भारत में 2,500 से ज़्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज़ — नोलन की फ़िल्मों के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा भारतीय रिलीज़ स्केल
- टॉम हॉलैंड ने 19 साल की उम्र में MCU स्पाइडर-मैन का रोल हासिल किया था — फिर भी नोलन के सेट पर सहारे की ज़रूरत पड़ी





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