रवि शंकर प्रसाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री और बीजेपी नेता ने लोकसभा चुनावों के वक्त उनकी पार्टी 2014 में उनके आधार स्कीम को लेकर संदेह में थी यह माना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी माने थे की आधार कार्ड स्कीम गेम बदलने वाली साबित हो सकती है। DBT पर राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को प्रसाद ने आधार के फायदे गिनाए।
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उन्होंने कहा,"यह आपका काम है कि आप अपने राजनीतिक गुरुओं को DBT के फायदे के बारे में बताएं। मैं हमेशा कहता हूं कि कुछ खुले दिमाग से सही-गलत का फैसला करते हैं। मैं आपको आज बताता हूं, मेरी पार्टी में कई लोग 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान आधार को लेकर संशय में थे। जब मुझे यह विभाग मिला तो मैंने खुले दिमाग से सोचा और प्रधानमंत्री जो नए आइडियाज को प्राथमिकता देते हैं उन्होंने भी आधार का महत्व समझा और आधार की कामयाबी सबके सामने है। हमने आधार से जुड़ी सभी बाधाओं को दूर किया।"
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DBT वर्कशॉप में प्रसाद ने ये कहीं। ये तो स्पष्ट है कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने बार-बार आधार की समीक्षा की थी।  पीके सिन्हा कैबिनेट सचिव ने सम्मेलन में एलान किया कि DBT में अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को DBT की सेविंग्स से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। आगे प्रसाद ने कहा, "हम DBT से राज्य और केंद्र के 36,500 करोड़ रुपये पहले ही बच चुके हैं। यह कम राशि नहीं है और यह सिर्फ दो साल में बचाई गई है। सोचिए कि राज्य और केंद्र की सभी योजनाओं को अगर DBT के द्वारा चलाया जाए तो हम कितना पैसा बचा सकते हैं।"
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राजीव गांधी के मशहूर बयान को लेते हुए प्रसाद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर कहा, "भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से दिए गए एक रुपये का 15 पैसा ही जरूरतमंद तक पहुंचता है लेकिन अब हम कह सकते हैं कि DBT की वजह से हम जितना पैसा जरूरतमंद के लिए भेजेंगे वो सीधा उसके खाते में जाएगा।"


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