अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री ने बुधवार को संसद में यूपी के बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह के उस टिपण्णी पर अफ़सोस व्यक्त किया, जिसमें बीएसपी सुप्रीमो मायावती के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया था। अपने पार्टी के नेता का यह बयान यूपी में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को नुक्सान दाई साबित हो सकता है। जेटली ने राज्यसभा में कहा,"मैं निजी तौर पर खेद व्यक्त करता हूं। मैं आपके सम्मान के साथ संबद्ध हूं और आपके साथ खड़ा हूं।"

स्पष्ट रूप से यूपी में बीजेपी के 15 उपाध्यक्षों में से एक दयाशंकर सिंह ने बीएसपी में उक्त तौर पर टिकट बेचे जाने संबंधी उल्लेख करते हुए यह बयांन किया था।बेहद मानहर और विवादों को पैदा देने वाले इस बयान में दयाशंकर सिंह ने कहा था, "मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए)रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र वेश्या से भी बदतर है।"

दयाशंकर सिंह ने पिछले महीने यूपी विधान परिषद का चुनाव लड़ा था और उन्हें परिणाम में हार झेलनी पड़ी थी। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस टिपण्णी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा था कि "यूपी में बीएसपी की स्थिति दिन-प्रतिदिन मजबूत होने के चलते यह बीजेपी की कुंठा को ही दर्शाता है।" मामले में सख्त तेवर अपनाने के संकेत देते हुए बीएसपी सुप्रीमो ने संसद में कहा, "देश को उस नेता को माफ नहीं करना चाहिए जिसने मुझे अपशब्द कहे।" संसद में इस वक्त कई नेता उनके तरफ़ में खड़े नजर आए।
मायावती ने कहा, "संसद में और बाहर, ज्यादातर लोग मुझे 'बहनजी' या 'बहन' कहकर संबोधित करते हैं। ऐसे में जिस शख्स ने मेरे लिये ऐसा बयान देकर मुझे नहीं बल्कि अपनी बहन को ही अपशब्द कहे हैं।" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा , "यदि इस व्यक्ति के खिलाफ उसकी पार्टी (बीजेपी) ने कार्रवाई नहीं की तो पूरे देशभर में प्रदर्शन किये जाएंगी।"