अमिताभ बच्चन की कामयाबी के आकाश में महानायक, बिग बी और शहंशाह नाम के ढेरो सितारे जगमगा रहे थे जिसमे 'दादा साहेब फाल्के' का मिलना ऐसा ही है जैसे इस आसमान को चाँद मिल गया हो। जी, अमिताभ ने भारतीय सिनेमा की सर्वोच्य सम्मान पा लिया है। बॉलीववुड में अपने 5 दशक पूरे किये और इस वक़्त वह करोड़ों दिलों की जान हैं। इससे पहले अमिताभ बच्चन को कई और पुरस्कारों से भी नवाज़ा जा चुका है। साल 1984 में मिलने वाले पद्म श्री, साल 2001 में पद्म भूषण और साल 2015 में पद्म विभूषण उनकी श्रेष्ठता साबित कर चुके हैं।
अमिताभ के करियर का ये फ़िल्मी सफर इतना आसान नहीं था। जिस दमदार आवाज़ के लोग आज रसिया हैं वही उनके लिए सबसे बड़ी बाधा थी और व्यक्तित्व के साथ जिस लम्बाई ने उनके क़द को ऊंचा किया था वो इस सफर को दुशवार बनता देता था। ऑल इंडिया रेडियो में अमिताभ काम करना चाहते थे मगर दो बार रिजेक्ट किये गए।
अमिताभ ने फिल्म सात हिन्दुस्तानी से एक्टिंग की शुरुआत की थी और 1969 में नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म भुवन शो में उनकी आवाज़ ली गयी थी। एक्टिंग उनका गोल नहीं था, उन्हें इंजिनीयर बनना था और ख्वाहिश थी कि वे एक दिन भारतीय वायु सेना में काम करें। काम की तलाश उन्हें कोलकाता से मुंबई ले आई। ये ज़बरदस्त संघर्ष का दौर था मगर मन में ठान लिया था कि जब तक कहीं मज़बूती नहीं हो जाती घर वापस नहीं जाना। इंडस्ट्री से जुड़े अमिताभ छोटे मोठे काम कर रहे थे।
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