राहुल गांधी की सभा जो की मिर्जापुर में आयोजित की गयी थी, उस सभा में एक बार फिर खाट के लिए लूट मच गई| हालांकि मंच से कार्यकर्ता लोगों से खाट नहीं ले जाने की गुजारिश करते रहे लेकिन लोगों का उनकी अपील को अनसुना कर दिया और उन पर कोई असर नहीं हुआ| सभा में लगभग 2000 नई खटियों का अरेंजमेंट किया गया था| जैसे ही राहुल गांधी ने अपना भाषण पूरा किया वैसे ही एक कांग्रेसी नेता ने माइक से अपील करते हुए कहा कि "खाट छोड़के चले जाओ|"
फिर भी सभा में उपस्थित लोग लगभग एक दर्जन खाट अपने साथ ले जाने लगे लेकिन वहां पर तैनात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ खाट अपने कब्जे में ले ली| उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा के मद्दे नजर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खाट सभा का आयोजन कर रहे हैं| इसके माध्यम से वह प्रदेश की जनता से सीधी बातचीत करने की कोशिश रहे हैं|
लेकिन खाट सभा में खटिया के लिए मची "खाट लूट" की घटनाओं ने सभी का ध्यान सबसे अधिक आकर्षित किया है| चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने खाट सभा का फॉर्मूला दिया था| इससे पहले प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के कैंपेन में चाय पर चर्चा का आइडिया दिया था|
किशोर इस बार यूपी में कांग्रेस के रणनीतिकार हैं और उनकी रणनीति के मुताबिक राहुल गांधी एक महीने तक उत्तरप्रदेश का दौरा करेंगे| खबरों के मुताबिक, दूसरी बार खाट लूट पर रिस्पांस देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा था, "देखिए, कोई भी यहां से कोई चीज नहीं चुरा रहा है|"