भारत के प्रसिद्ध प्ले बैक गायक मुकेश की 27 अगस्त को 40वीं पुण्यतिथि है| भारतीय फ़िल्मी दुनिया में अपनी आवाज़ के दम पर अमर सिंगर्स में शुमार मुकेश की मृत्यु सिर्फ 53 साल की उम्र में हो गया थीं| 27 अगस्त, 1976 को वे एक म्यूज़िकल कंसर्ट में अमरीकी शहर डेट्रायट में गाना गा रहे थे, तभी उनको दिल का दौरा पड़ा| लता मंगेशकर भी उनके साथ उस कंसर्ट में थीं| मुकेश को फोरन अस्पताल ले जाया गया, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका| मुकेश के निधन पर प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक राजकपूर ने कहा था कि उनकी आवाज़ गुम हो गई|
मुकेश का जन्म 22 जुलाई, 1923 को दिल्ली में हुआ था| मुकेश दस भाई बहनों में छठे नंबर थे| संगीत से उनका पहला लगाव तब आरम्भ हुआ जब उनकी बड़ी बहन को संगीत सिखाने के लिए गुरू जी आते थे| अपनी बड़ी बहन की शादी के समय मुकेश के गाए गीत को पहली बार मशहूर अभिनेता मोतीलाल ने सुना और उन्हें वो भा गए| मोतीलाल ही उन्हें मुंबई ले गए और मुकेश को संगीत का प्रशिक्षण लेने भेजा| और फिर वे अपनी आवाज़ के लिए काफी मशहूर हुए|
मुकेश के गाए कई मशहूर गीत है जो आज भी लोगो के दिलो को छू जाते है आईये गीतों पर एक नज़र डालें| आवारा हूं, आवारा हूं या गर्दिश में हूं आसमान का तारा हूं, आवारा हूं| मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंगलिस्तानी, सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी| दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई, काहे को दुनिया बनाई तुने|
जाने कहां गए वो दिन, कहते थे तेरी राह में, नज़रों को हम बिछाएंगे| दोस्त दोस्त ना रहा, प्यार प्यार ना रहा, ज़िंदगी हमें तेरा एतबार नहीं रहा, ऐतबार ना रहा|