अनामिका ने रिजल्ट आने के बाद 18 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। अनामिका इंटरमीडिएट फर्स्ट ईयर की छात्रा थी और बोर्ड रिजल्ट में वह फेल हो गई थी। अनामिका को तेलुगू भाषा में मात्रा 20 नंबर ही मिले थे। अनामिका के परिवार ने जब फिर से कॉपी की जांच करवाई तो बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उसे पास घोषित कर दिया गया।
अनामिका को तेलुगू भाषा में 20 से बढ़कर 48 नंबर हो गए। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी 48 नंबर होने की पुष्टि की है। शाम सात बजे सेव की गई रिजल्ट की कॉपी के मुताबिक अनामिका को 48 नंबर मिले और वह पास हो गई। लेकिन कुछ घंटे बाद ही अनामिका के परिवार ने पाया कि उसके नंबर फिर से बदले गए हैं। इस बार अनामिका को मात्र 21 नंबर मिले और वह दोबारा फेल हो गई। बोर्ड की इस लापरवाही से अनामिका का परिवार बेहद दुखी है।
click and follow Indiaherald WhatsApp channel