पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के बसपा मुखिया मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में शनिवार को जमानत दे दी गई| अब इस आदेश को बसपा ने हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है| छेदी लाल गुप्ता शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अजय कुमार अपर सत्र न्यायाधीश ने दयाशंकर सिंह को 50-50 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी|
अदालत ने जमानत की अर्जी पर लगभग 45 मिनट तक बहस की और यह निर्णय दिया| इस दौरान अदालत के इस आदेश को बसपा ने हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है| सतीश चंद्र मिश्र बसपा महासचिव ने कहा कि "जमानत का आदेश विधिसम्मत नहीं है और इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी|"
बता दे की दयाशंकर सिंह भाजपा के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष ने 19 जुलाई को मऊ में संवाददाताओं से बातचीत में बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी| इस वजह से उनके खिलाफ 20 जुलाई को लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था| 25 जुलाई को लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और उसके बाद 29 जुलाई को बिहार के बक्सर जिले में गिरफ्तार किया था|
इसके बाद मुकदमे को लखनऊ से मऊ ट्रांसफर कर दिया था| पिछले सप्ताह दयाशंकर सिंह अदालत में पेश हुए थे| उस वक्त उनकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी गई थी.