राजस्थान में अब वाहन मालिक अपने निजी वाहनों पर अपना नाम, पद, जाति, भूतपूर्व पद या संगठनों के पदों का नाम, गांव का नाम तथा विभिन्न चिन्ह नहीं लिखवा सकेंगे। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किए। इस संबंध में पीएचक्यू एसपी ट्रेफिक चूनाराम जाट की तरफ से प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों, पुलिस कमिश्नरों और रेंज आईजी को मंगलवार, 3 मई को एक पत्र लिखा गया है।
नागरिक अधिकार संस्था की सिफारिश पर गृह विभाग ने इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को 20 अगस्त को आदेश जारी किए थे। इसकी पालना में राजस्थान पुलिस मुख्यालय से सभी पुलिस अधीक्षकों, रेंज आईजी व पुलिस कमिश्नरेट के लिए आदेश जारी किए। जानकारी के अनुसार नागरिक अधिकार संस्था के महासचिव सुरेश सैनी ने 9 अगस्त 2019 को एक पत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा था।
जिसमें बताया कि कई लोग अपने वाहनों पर अपना नाम, जाति, संगठनों का पद नाम, विभिन्न चिन्ह, भूतपूर्व पद, गांव के नाम लिखवाकर दुरुपयोग कर रहे है। यह परम्परा दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। दिनप्रतिदिन वाहन चालकों में बढ़ रही ऐसी गतिविधियों से अशांति का वातावरण पनप रहा है, जो चरम पर है। सैनी ने कहा कि इस परपंरा से जातिवाद भी पनप रहा है।
वहीं, सड़क सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में भी वाहनों पर लिखवाए गए विभिन्न चिन्ह, स्लोगनों की वजह से अन्य वाहन चालकों का ध्यान भंग होता है। इससे सड़क दुर्घटना होने की आशंका रहती है। ऐसे में इस घातक गतिविधि को प्रतिबंधित करवाए। इस पर गृह (सुरक्षा) विभाग के वरिष्ठ शासन उप सचिव रवि शर्मा ने 20 अगस्त को डीजीपी, राजस्थान को एक पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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