नयी दिल्ली। नेपाल में कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। यहां बाढ़ और भूस्खलन के चलते मरने वालों की संख्या 43 पहुंच गई है, जबकि 24 लोग लापता हैं और 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा दिया गया है। बता दें मूसलाधार बारिश के चलते सप्तकोशी नदी के पानी का बहाव भी तेज हो गया है, कोशी बराज पर तैनात पुलिस कर्मियों के अनुसार शनिवार की शाम को सप्तकोशी नदी में पानी का बहाव 3 लाख 7 बजार 655 क्यूसेक मापा गया था।
पानी के बहाव से पैदा होने वाले खतरे को ध्यान में रखते हुए खतरे के संकेत को दिखाने के लिए लाल बत्ती भी जला दी गई है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट भी जारी कर दिया है और घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बता दें बारिश के चलते अभी तक सुनसरी, मोरंग और सप्तरी जैसे कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं।
मकानों को नुकसान पहुंचने से कई लोग बेघर हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है। वहीं इलाकों में अनहोनी की आशंका के चलते राहत बचाव दल सक्रिय है और समय-समय पर लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश में लगा है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन के चलते अभी तक कुल 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 24 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 50 लोगों को रेस्क्यू भी कराया गया है।
नेपाल आपातकालीन कार्यसंचालन केंद्र के प्रमुख बेद निधी खानल ने एफे न्यूज को बताया कि देशभर में 200 से अधिक स्थानों की मानसून से संबंधित आपदाओं के लिए अतिसंवेदनशील क्षेत्र के रूप में पहचान की गई है।बचाव दल, राहत कार्यो व खोज और बचाव कार्यों का संचालन कर हैं।
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