मनोहर पर्रिकर रक्षा मंत्री कश्मीर घाटी में उकसावे के बाद भी आतंकवादियों के साथ निबटने में बड़े संयम का परिचय देने के लिए सीमा पर चौकसी बनाए रखने की और जोर देके कहा की अपनी आयुध संपत्तियों को तैयार रखे| रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों को पारंपरिक संबोधन में पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमले पर मजबूत तथा साहसी जवाब देने तथा जम्मू कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन एवं घुसपैठ की कोशिशों से प्रभावी तरीके से निबटने के लिए उनकी सराहना की|   
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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "हमारे सशस्त्रबलों ने भारी उकसावे के बाद भी कश्मीर घाटी में आतंकवादियों से निबटने में बहुत बड़े संयम का परिचय दिया है|आपने जम्मू कश्मीर में सीमा पर से सभी संघर्षविराम उल्लंघनों को विफल कर दिया और नापाक इरादों के साथ देश में घुसपैठ करने की आतंकवादियों की कोशिश नाकाम कर दी|"
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रक्षा मंत्री ने पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए कहा, "मैं इस हमले को विफल करने में वायु सेना के लड़ाकों और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कोशिश की सराहना करता हूं| मुझे अपने उन सात बहादुर जवानों की मौत पर गहरा दुख है, जिन्होंने इस हमले का मुकाबला करते हुए राष्ट्र की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी|"     
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सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की आवश्यकता पर पर्रिकर ने हा, "अतएव हमें अपनी आयुध संपत्ति को तैयार रखना और कम समय में अग्रिम स्थलों पर अपने सैनिकों को ले जाने में समर्थ रहना चाहिए| साथ ही, हमें अपने हथियार तंत्रों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है|" उन्होंने कहा कि "सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू, तत्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं|"
  


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