कोई किसी से भी प्रेम करे, विवाह करे, उसका स्वतंत्र निर्णय है,उसे आज़ादी है!किन्तु इसे अर्जित करने के लिए अपने जनक को लोक के सामने अपमानित करने की कवायद गलत है! जीवनसाथी चुनिए किन्तु पिता को इस तरह सर-ए-आम....

कोई किसी से भी प्रेम करे, विवाह करे, उसका स्वतंत्र निर्णय है,उसे आज़ादी है!किन्तु इसे अर्जित करने के लिए अपने जनक को लोक के सामने अपमानित करने की कवायद गलत है! जीवनसाथी चुनिए किन्तु पिता को इस तरह सर-ए-आम....
