बीजेपी सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने राज्‍यसभा में महत्‍वपूर्ण GST बिल को मंजूरी मिलने के एक दिन बाद गुरुवार को कहा कि वे इसके फायदे-नुकसान को लेकर कोई बयान बाज़ी या कह लीजिये टिप्‍पणी नहीं करेंगे| सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने अपने इस मौन की वजह अर्थशास्‍त्र की अपनी समझ और पार्टी के प्रति निष्‍ठा के बीच संघर्ष नहीं होने देने की इच्‍छा को बताया यानि उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा का हवाला देते हुए चुप रहे|

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उन्‍होंने आज ट्वीट किया, "क्‍या किसी देशभक्‍त ट्वटिर यूजर (PT) ने प्रस्‍तावित जीएसटी संवैधानिक संशोधन का अध्‍ययन किया है कि गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स नेटवर्क (जीएसटीएन) का कार्यक्षेत्र और रोल क्‍या है?" जब स्‍वामी से एक ट्वीटर फॉलोअर ने पूछा कि उन्‍होंने जीएसटी पर अपने विचार और इसका अर्थव्‍यवस्‍था पर इसके असर के बारे में कुछ क्‍यों नही कहा| इस पर स्‍वामी ने जबाव दिया,
 
"मैं इसलिए चुप हूं क्‍योंकि अर्थशास्‍त्र के प्रति मेरी समझ और पार्टी के तय फैसले को लेकर मेरी निष्‍ठा के बीच संघर्ष की स्थिति है|" एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने कहा कि "अर्थशास्त्रियों के लिहाज से GDP ग्रोथ रेट बढ़ाने का एकमात्र तरीका उच्‍च निवेश और पूंजी और श्रम उत्‍पादकता को बढ़ाना है|" 
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यह ध्यान देने वाली बात है की वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने दबाव देकर कहा कि GST बिल भारत को दुनिया के सबसे बड़े मार्केट में बदल कर रख देगा, इसके तहत पूरे देश में एक कराधान प्रणाली लागू की गई है| इससे GDP ग्रोथ रेट दो फीसदी तक बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी|


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